मुख्य बातें
गर्जिया देवी मंदिर के टीले पर चल रहे सुरक्षात्मक कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश
गौला नदी के तेज बहाव से क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत के लिए IIT रुड़की से स्टडी कराने का फैसला
मानसून से पहले सभी सुरक्षा कार्य पूरे करने के निर्देश
प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु समेत कई विभागीय अधिकारी रहे मौजूद
देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में गुरुवार को राज्य कार्यकारी समिति (SEC) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में नैनीताल जनपद के रामनगर स्थित प्रसिद्ध गर्जिया देवी मंदिर के मुख्य टीले की सुरक्षा से जुड़े कार्यों के साथ ही गौला नदी से सटे बाढ़ सुरक्षा एवं सड़क सुधार परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि गर्जिया देवी मंदिर क्षेत्र के अधूरे सुरक्षात्मक कार्यों को तुरंत पूरा किया जाए ताकि इस धार्मिक स्थल पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि यह मंदिर हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, इसलिए इसकी सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
इसके साथ ही लालकुआं के बनभूलपुरा रेलवे क्रॉसिंग से गौला पुल तक गौला नदी के तेज बहाव से क्षतिग्रस्त हुए मार्ग और उससे जुड़ी सभी सरकारी परिसंपत्तियों की मरम्मत व सुरक्षा के लिए भी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि इन क्षेत्रों में IIT रुड़की से हाइड्रोलॉजिकल स्टडी कराकर सुरक्षात्मक कार्य शीघ्र पूरे किए जाएं, ताकि भविष्य में कोई आपदा न आए।
बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव सचिन कुर्वे, श्रीधर बाबू अदांकी, विनोद कुमार सुमन समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे। सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया कि मानसून से पहले सभी कार्य पूरे कर लिए जाएं ताकि किसी भी आपदा से निपटने में सक्षम व्यवस्था रहे।
मुख्य सचिव ने कहा कि “सरकार लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। मंदिर क्षेत्र हो या नदी के किनारे का इलाका, सभी संवेदनशील स्थलों पर मजबूत और स्थायी समाधान के लिए काम किया जाएगा।”
