मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उच्चस्तरीय बैठक में दिए निर्देश, वार्षिक कैलेंडर में होगा शामिल

देहरादून, 7 जुलाई।उत्तराखंड के दुर्गम सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने और प्रदेश की साहसिक खेलों में वैश्विक पहचान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को शासकीय आवास में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में हाई अल्टीट्यूड अल्ट्रा मैराथन के आयोजन की घोषणा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुमाऊं क्षेत्र में यह मैराथन गुंजी से आदि कैलाश और गढ़वाल क्षेत्र में नीति से मलारी तक आयोजित की जाए।

मैराथन बनेगी उत्तराखंड की नई पहचान

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह आयोजन राज्य की भौगोलिक विशिष्टताओं, साहसिक खेलों की संभावनाओं और सीमांत क्षेत्रों की सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का अवसर देगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस आयोजन को वार्षिक पर्यटन कैलेंडर में सम्मिलित किया जाए और हर वर्ष निर्धारित तिथि पर इसका नियमित आयोजन सुनिश्चित किया जाए।

“हमारी कोशिश होनी चाहिए कि यह आयोजन प्रदेश की साहसिक पर्यटन में वैसी ही पहचान बनाए जैसा उत्तराखंड चारधाम यात्रा के लिए जाना जाता है।” – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

आपदा प्रबंधन को सशक्त बनाने पर भी जोर

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन तंत्र को अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रभावितों को सहायता राशि समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। विशेषकर बारिश और भूस्खलन के चलते होने वाली आपदाओं के मद्देनज़र अग्रिम तैयारी और राहत वितरण की गति को द्रुत करने को कहा गया।

सीमांत क्षेत्रों में फसल सुरक्षा के लिए योजना

मुख्यमंत्री धामी ने सीमांत एवं पर्वतीय क्षेत्रों में फसलों की सुरक्षा को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जंगली जानवरों के खतरे से किसानों को निजात दिलाने के लिए घेरबाड़ और सोलर फेंसिंग के लिए व्यापक योजना तैयार की जाए। इससे सीमांत गांवों के किसानों को राहत मिलेगी और खेती को छोड़ने की प्रवृत्ति पर भी रोक लगेगी

उच्चाधिकारियों की मौजूदगी में बनी रणनीति

बैठक में प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगौली, और अपर सचिव बंशीधर तिवारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने प्रस्तावित हाई अल्टीट्यूड अल्ट्रा मैराथन के आयोजन की संभावनाओं और लॉजिस्टिक्स प्लानिंग को लेकर विस्तृत चर्चा की।

पर्यटन विकास के साथ सीमांत क्षेत्रों का सशक्तिकरण

गौरतलब है कि गुंजी, आदि कैलाश, नीति और मलारी जैसे क्षेत्र भौगोलिक दृष्टि से संवेदनशील, लेकिन प्राकृतिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध हैं। हाई अल्टीट्यूड अल्ट्रा मैराथन के आयोजन से इन इलाकों में पर्यटन गतिविधियों के साथ-साथ स्थानीय रोजगार और मूलभूत विकास को भी बल मिलेगा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का यह कदम ‘डेस्टिनेशन उत्तराखंड’ को अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर उभारने की दिशा में एक और मजबूत पहल के रूप में देखा जा रहा है। साहसिक पर्यटन और सीमांत विकास को जोड़ती यह योजना निश्चित ही उत्तराखंड को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।

By admin